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उपायुक्त कार्यालय की सम्बन्धित शाखाओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का शाखावार विवरण।

 
क्र० सं० जनता को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का विवरण इन सुविधाओं को प्राप्त करने के तरीके सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समय सीमा अनियमितता होने पर किस अधिकारी से जनता सम्पर्क करें
1 शिकायत शाखा

जनता की शिकायतों का निपटान करना।
किसी भी सम्बन्धित अधिकारी को कार्यदिवसों में तथा कार्यालय समय में शिकायत पेश की जा सकती है। उपायुक्त द्वारा अवकाश के दिनों में भी शिकायतें सुनी जाती है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सोमवार को जिला स्तर के अधिकारियों के समक्ष जनता की शिकायतें सुनने व निपटान करवाने के लिए खुला दरबार उपायुक्त की अध्यक्षता में लगाया जाता है। ऐसे दरबार उप मण्डल व खण्ड स्तर पर भी समय-समय पर लगाये जाते है। इसके अलावा जनपरिवेदना समिति के अध्यक्ष सरकार क्षरा नियुक्त मंत्री की अध्यक्षता में प्रत्येक मास समिति की बैठक की जाती है जिसमें महत्वपूर्ण शिकयतों को रखकर शिकायत कर्ताओं को बुलाकर उनकी संतुष्टि उपरान्त शिकायतों का निपटान किया जाता है। सम्बन्धित अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित होते है।
जहॉ तक सम्भव हो सके शिकायतों का निपटान एक सप्ताह में करवाया जाता है किसी केस में जॉच आदि में समय लगता है वे तथा जिनमें संतोद्गाजनक रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती वे शिकायतें जनपरिवेदना समिति की बैठक में रखी जाकर तत्परता से निपटान करवाया जाता है । जिस बैठक में किसी शिकायत का निपटान जनता की संतुष्टि न होने पर शेष रह जाता है वह अगली बैठक के लिए उस पर वांछित कार्यवाही करवाने बाद निर्णय हेतु लम्बित रख ली जाती है ।
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2 आर.के.जी.(जनरल रिकार्ड रूम)

कोर्ट केसों की निर्णित फाईलें व नक्शा आबादी आदि का निरीक्षण कराना व उनको तलब करने वाले न्यायालयों में पेश करना या भेजना नकल के लिए नकल शाखा में रिकार्ड भेजना ।
आवेदन पत्र पर निर्धारित कोर्ट फीस लगाकर जिला राजस्व अधिकारी या उपायुक्त कार्यालय के अधीक्षक के अलाउड करवा कर रिकार्ड का निरीक्षण रिकार्डकीपर की देख-रेख में किया जा सकता है। तलब करवाने वाले रिकार्ड के लिए सम्बन्धित कोर्ट से आर.के.जी. कार्यालय उपायुक्त, के नाम सम्मन या डाकेट भिजवाया जाता है।
निरीक्षण उसी दिन कराया जाता है। सम्बन्धित कोर्ट द्वारा निर्धारित की गई अवधि में रिकार्ड भेजा जाता है। जिला राजस्व अधिकारी/उपायुक्त
3 नकल शाखा

सम्बन्धित रिकार्ड की नकले देना ।
आवेदक को निर्धारित प्रोफार्मा में निर्धारित फीस लगाकर आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा । यदि नकल अर्जेन्ट चाहिए तो निर्धारित अतिरिक्त अर्जेन्ट की कोर्टफीस लगानी होगी ।
अर्जेन्ट दरखास्त पर 24 घण्टे में व शेष 7-10 दिन में रिकार्ड प्राप्त होने बाद नकलें तैयार की जाती है। जिला राजस्व अधिकारी/ उपायुक्त /कार्यालय अधीक्षक
4 खेवट रिकार्ड रूम

जमाबन्दी, इन्तकाल आदि राजस्व रिकार्ड का निरीक्षण कराना व नकल के लिए रिकार्ड देना।
रिकार्ड निरीक्षण के आवेदन पत्र निर्धारित कोर्टफीस लगाकर जिला राजस्व अधिकारी या कार्यालय अधीक्षक से अलाउड कराने बाद रिकार्डकीपर की देख-रेख में निरीक्षण किया जा सकता है ।
उसी दिन। जिला राजस्व अधिकारी/ उपायुक्त /कार्यालय अधीक्षक
5 एच.आर.सी. शाखा

वर्ष 1983 से पूर्व की पंजीकृत वसीको की नकल देना।
निर्धारित प्रोफार्मा पर एक रूपये की कोर्टफीस लगाकर आवेदन पत्र 3 रूपये के स्टाम्प पेपर के साथ देना होगा।
2-3 दिन में जिला राजस्व अधिकारी/ उपायुक्त /कार्यालय अधीक्षक
6 अग्रेरियन शाखा

सरपल्स भूमि अलाट करना।
लैण्ड सिलिगं एक्ट अनुसार किसी परिवार की प्रिमीजीब एरिया से अधिक भूमि सरपल्स घोषित करके भूमिहिनों को अलाट की जाती है लेकिन इस जिला में अब काई ऐसी भूमि नहीं है।
--- जिला राजस्व अधिकारी/ उपायुक्त /कार्यालय अधीक्षक
7 पेशी शाखा

कोर्ट केसों के कार्य के अलावा कैदियों की पे-रोल पर रिहाई की कार्यवाही करना।
जेल से प्राप्त पे-रोल रिहाई की सिफारिश पर तहसीलदार व पुलिस अधीक्षक की सिफारिश लेकर सरकार को भेजी जाती है। सरकार से अवकाश स्वीकृत होने पर जमानत ली जाती है। जिलाधीश को सिफारिश भेजने के लिए सरकार ने 21 दिन की समय निर्धारित किया हुआ है। नगराधीश/उपायुक्त।
8 विकास शाखा

मंत्रियों आदि द्वारा विभिन्न संस्थाओं को दी जाने वाली स्वेच्छिक अनुदान के बिल बनाना । हरिजन/पिछड़े वर्ग व जनरल श्रेणी की चौपालों की मुरम्मत व पूर्ण करने के लिए राशि अलाट करना।
मंत्रियों आदि की घोषणा के बाद सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर बिल बनाकर सम्बन्धित को भेजने के लिए नाजर शाखा को दिये जाते है।
वर्द्गा में एक बार सरकार से ऐसी प्राप्त होने वाली राशि का बिल बनाकर सम्बन्धित बी. डी. एण्ड पी. ओ. को राशि भेजने के लिए नाजर को दिये जाते है।

स्वीकृति प्राप्त होने पर 1-2 दिन में।

स्वीकृति प्राप्त होने पर १-२ दिन में।


नगराधीश/ उपायुक्त।
9 पी.एल.ए. शाखा

1. शस्त्रों, पटाखों आदि के लाईसैन्स जारी करना।

2. लाईसैन्स की सीमा क्षेत्र से बाहर से शस्त्र लाने व मैगजीन व विस्फोटक पदार्थो के अनापति प्रमाण पत्र देना।

3. शस्त्रों को रखने की सीमा क्षेत्र बढ़ाने की सिफारिश भेजना।

4. शस्त्रों का इन्द्राज लाईसैन्स में करना।

5. शस्त्र खरीदने का समय बढ ाना।

6. पैट्रोल पम्प व गैस ऐजेन्सी के लिए अनापति प्रमाण पत्र देना।

7. पासपोर्ट के आवेदन पत्र लेना एवं पासपोर्ट बनावाने हेतु भेजना।

1. आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा। जो निर्धारित फीस जमा कराने बाद पुलिस अधीक्षक को सिफारिश प्राप्त करने हेतु भेजा जाता है। सिफारिश बाद आवेदक से 3 फोटो ली जाती है। २. अनापति प्रमाण पत्रों व बिन्दु 3 से 5 के लिये भी आवेदन पत्र देने होगें। सीमा बढ़ाने के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट ली जाती है। शस्त्रों के इन्द्राज के लिये शस्त्र खरीद का बिल व लाईसैन्स प्रस्तुत करना होगा। जहॉ द्रास्त्र किसी दुकान की बजाये किसी व्यक्ति से खरीदा जाता है तो बेचनेवाला 45 दिन का नोटिस जिलाधीश को देगा । 45 दिन बाद क्रेता को उसका व विक्रेता का शपत्र पत्र व दोनों के लाईसैन्स आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करने होगें। शस्त्र खरीद का समय बढाने के लिये दिये गये समय से पूर्व शस्त्र नियमावली 1962 से नियम 52 अनुसार आवेदन पत्र देना होगा। गैस ऐजन्सी व पेट्रोल पम्प के लिये सम्बन्धित से अनापति प्रमाण पत्र लेकर नो ओबजैक्शन दिया जाता है। बिन्दु नं० 7 के लिए आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है, जो निर्धारित फीस जमा करवाने के बाद पुलिस अधीक्षक को सत्यापित हेतु भेजा जाता है। सत्यापित रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पासपोर्ट क्षेत्रिय कार्यालय चण्डीगढ के पासपोर्ट बनने हेतु भेजा जाता है। आवेदक की पुलिस अधीक्षक से सत्यापित रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त सरकार द्वारा 10 दिन बाद पासपोर्ट आवेदक को भेज दिया जाता है।

बिन्दु नं० 1 व 3 बारे रिपोर्ट प्राप्त करने की कोई समय सीमा नहीं है। शेष कार्य 3-4 दिन में किये जाते है। पैट्रोल पम्प व गैस ऐजन्सी के लिये रिपोर्ट प्राप्त करने की कोई समय सीमा नहीं है।

नगराधीश/ उपायुक्त।
10 फुटकर शाखा

1. स्वतन्त्रता सैनानीयों के पौत्र/दोहते व दोहती होने के सम्बन्ध प्रमाण पत्र जारी करना।

2. स्वतन्त्रता सैनानीयों के अन्तिम संस्कार के लिये 1500 रू०/- स्वीकृत करवाना।

3. प्रिटिगं प्रैस, पत्रिका व अखबार शुरू करने की अनुमति प्रदान करवाना।

4. टूरिगं टाकीज/विडियों टाकीज/सिनेमा लाईसैन्स प्रदान करना व उनका नवीनकरण करवाना।

5. सरकारी सेवा प्राप्त होने पर कर्मचारियों का चरित्र एवं पूर्णवृत सत्यापन करवाना।


 
बिन्दु नं० 1 व 2 बारे सम्बन्धित व्यक्ति के आवेदन पत्र व स्वीकृति देने की कार्यवाही की जाती है। बिन्दु नं० 3 व 4 बारे निर्धारित प्रपत्र पर आवेदक के धोषणा पत्र नाम अलाट करने हेतु सरकार को भेजे जाते है। बिन्दु नं० 4 के आवेदन पत्र पर सम्बन्धित अधिकारियों की रिपोर्ट ली जाती है। बिन्दु नं० 5 बारे पुलिस अधीक्षक व डी.आईजी., डी.आई.डी. की रिपोर्ट लेकर सम्बन्धित विभाग को भेजी जाती है।
बिन्दु नं० 3 को छोडकर सभी में जॉच रिपोर्ट लेने का व बिन्दु नं० 3 बारे सम्बन्धित विभाग से नाम अलाट करने की कोई समय सीमा निश्चित नहीं है। नगराधीश/उपायुक्त।
11 लाई/माई शाखा

मकान निर्माण हेतु दिये गये ऋण की वसूली करना। 
क्योंकि वर्ष 1992-93 के बाद भवन निर्माण के लिये सरकार से ऋण देने हेतु राशि प्राप्त नहीं होने से ऋण इस जिला में नहीं दिया गया। इससे पूर्व के ऋण की वसूली के लिये प्रत्येक वर्ष की 15 जनवरी, 15 मई व 15 सितम्बर से पूर्व बनने वाली वार्षिककिद्गत व ब्याज के चालान भरकर बैंक में जमा करवाये जाते है। देय तिथि निकलने बाद निर्धारित पैनल इन्ट्रस्ट लगेगा। चलान पेश करने के समय ही भरे जाते है। नगराधीश/उपायुक्त।
 
 
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